NCERT Solutions Class 10 Science Chapter 3 (Hindi Medium) – Metals and Non-metals

Class 10 Science · Chapter 3 · हिंदी माध्यम

Metals and Non-metals
32 प्रश्न हल किए गए16 इन-टेक्स्ट + 16 अभ्यास प्रश्नCBSE 2026–27मुफ़्त · लॉगिन ज़रूरी नहीं

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संक्षिप्त उत्तर: NCERT कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 3 धातु एवं अधातु में 16 इन-टेक्स्ट और 16 अभ्यास प्रश्न हैं। अध्याय में भौतिक/रासायनिक गुण, क्रियाशीलता श्रेणी, आयनिक बंधन, धातुकर्म (निष्कर्षण के तीन चरण), संक्षारण और मिश्रातु पढ़ाए जाते हैं। हर प्रश्न का चरण-दर-चरण हल नीचे दिया गया है।

अध्याय 3 रसायन विज्ञान का सबसे सामग्री-प्रधान अध्याय है। क्रियाशीलता श्रेणी (reactivity series) और धातुकर्म (metallurgy) के चरण याद हो गए तो आधा अध्याय खत्म। यह अध्याय 1 की विस्थापन अभिक्रियाओं (displacement reactions) का सीधा विस्तार है।

अध्याय 3 सारांश — 5 मिनट रिवीजन

भौतिक गुण

गुणधातुएँअधातुएँ
चमक (Lustre)चमकदारचमक नहीं (आयोडीन अपवाद)
आघातवर्धनीय / तन्यहाँनहीं — भुरभुरे (brittle)
चालकताअच्छे चालकखराब (ग्रेफाइट अपवाद)
अवस्थाठोस (मर्करी द्रव)ठोस, द्रव (ब्रोमीन), गैस
ध्वानिक (Sonorous)हाँनहीं

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क्रियाशीलता श्रेणी (ऊपर से नीचे — क्रियाशीलता घटती है)

K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > [H] > Cu > Hg > Ag > Au

याद करने का तरीका: "Kal Nani Cafe Mage Aloo Zinda Fel PbHydrogen — Cuch Hg Agar Aur." हाइड्रोजन से ऊपर वाली धातुएँ ही तनु अम्ल से H2 निकाल सकती हैं।

आयनिक (वैद्युत-संयोजक) यौगिक

  • धातु इलेक्ट्रॉन देती है (धनायन), अधातु इलेक्ट्रॉन लेती है (ऋणायन)।
  • उच्च गलनांक/क्वथनांक — मजबूत स्थिरवैद्युत बल तोड़ने में अधिक ऊर्जा लगती है।
  • जल में घुलनशील, केरोसिन/पेट्रोल में नहीं।
  • ठोस अवस्था में धारा नहीं, पर पिघली हुई या विलयन अवस्था में चालित करते हैं (आयन मुक्त हो जाते हैं)।

धातुकर्म (Metallurgy) — 3 चरण

  1. सांद्रण (Concentration) — अयस्क से गैंग हटाना
  2. ऑक्साइड में बदलना — कार्बोनेट का निस्तापन (calcination) (वायु के बिना गर्म करना), सल्फाइड का भर्जन (roasting) (वायु में गर्म करना)
  3. अपचयन (Reduction) — ऑक्साइड से धातु निकालना (कार्बन से, या बहुत क्रियाशील धातुओं के लिए विद्युत-अपघटन से)

अंत में विद्युत-अपघटनी परिष्करण (electrolytic refining) से शुद्ध धातु मिलती है।

संक्षारण से बचाव

पेंटिंग, तेल/ग्रीस लगाना, गैल्वनीकरण (जिंक की परत), एनोडीकरण, मिश्रातु बनाना (जैसे स्टेनलेस स्टील)।

इन-टेक्स्ट प्रश्न — हल

प्रश्न 1. ऐसी धातु के उदाहरण दीजिए जो — द्रव हो / चाकू से कट जाए / सबसे अच्छी चालक / खराब चालक
  • (i) कमरे के तापमान पर द्रव: मर्करी (Hg)
  • (ii) चाकू से आसानी से कट जाए: सोडियम (Na), पोटैशियम (K)
  • (iii) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक: सिल्वर (Ag)
  • (iv) ऊष्मा की खराब चालक: लेड (Pb), मर्करी (Hg)
प्रश्न 2. आघातवर्धनीयता (Malleable) और तन्यता (Ductile) का अर्थ

आघातवर्धनीय (Malleable) — वह गुण जिसकी वजह से धातु को पीटकर पतली चादर (sheet) बनाई जा सकती है। जैसे एल्युमिनियम फॉयल, सिल्वर फॉयल।

तन्य (Ductile) — वह गुण जिसकी वजह से धातु को खींचकर पतला तार (wire) बनाया जा सकता है। गोल्ड सबसे अधिक तन्य है।

प्रश्न 3. सोडियम को केरोसिन में डुबोकर क्यों रखते हैं?

सोडियम बहुत अधिक क्रियाशील है। वायु के संपर्क में आते ही वह स्वयं जल उठता है और नमी के साथ तीव्र अभिक्रिया करता है:

2Na(s) + 2H2O(l) → 2NaOH(aq) + H2(g) + ऊष्मा

केरोसिन सोडियम को वायु की ऑक्सीजन और नमी से अलग रखता है, इसलिए इसे केरोसिन में डुबोकर रखा जाता है — यह एक सुरक्षा उपाय है।

प्रश्न 4. आयरन + भाप, और कैल्शियम/पोटैशियम + जल के समीकरण

(i) आयरन + भाप:

3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g)

(ii) कैल्शियम + जल — अभिक्रिया कम तीव्र, निकली हुई गैस के बुलबुले कैल्शियम से चिपक जाते हैं इसलिए वह तैरने लगता है:

Ca(s) + 2H2O(l) → Ca(OH)2(aq) + H2(g)

पोटैशियम + जल — इतनी ऊष्मा निकलती है कि हाइड्रोजन तुरंत आग पकड़ लेता है:

2K(s) + 2H2O(l) → 2KOH(aq) + H2(g) + ऊष्मा

प्रश्न 5. चार धातुएँ A, B, C, D — सबसे क्रियाशील कौन? क्रियाशीलता का क्रम?

तालिका के अनुसार B आयरन(II) सल्फेट से भी आयरन को विस्थापित कर देता है, जबकि A सिर्फ कॉपर को विस्थापित करता है, C सिर्फ सिल्वर को, और D किसी को नहीं।

(i) सबसे क्रियाशील धातु: B

(ii) B को कॉपर(II) सल्फेट में डालने पर: B कॉपर को विस्थापित कर देगा। विलयन का नीला रंग हल्का पड़कर समाप्त हो जाएगा और बर्तन में लाल-भूरा कॉपर जम जाएगा।

(iii) घटती हुई क्रियाशीलता का क्रम: B > A > C > D

प्रश्न 6. क्रियाशील धातु + तनु HCl से कौन-सी गैस? आयरन + तनु H2SO4 का समीकरण

हाइड्रोजन गैस (H2) निकलती है।

Fe(s) + H2SO4(aq) → FeSO4(aq) + H2(g)

प्रश्न 7. आयरन(II) सल्फेट में जिंक डालने पर क्या होगा?

जिंक, आयरन से अधिक क्रियाशील है, इसलिए वह आयरन को विस्थापित कर देगा — विस्थापन अभिक्रिया:

Zn(s) + FeSO4(aq) → ZnSO4(aq) + Fe(s)

अवलोकन: FeSO4 का हल्का हरा रंग समाप्त होकर विलयन रंगहीन हो जाएगा, और जिंक पर भूरा-काला आयरन जम जाएगा।

प्रश्न 8. सोडियम, ऑक्सीजन और मैग्नीशियम की इलेक्ट्रॉन-डॉट संरचना तथा Na2O / MgO का बनना

(i) इलेक्ट्रॉन-डॉट संरचनाएँ:

  • सोडियम (Na), 2,8,1 — बाहरी कोश में 1 इलेक्ट्रॉन
  • ऑक्सीजन (O), 2,6 — बाहरी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन
  • मैग्नीशियम (Mg), 2,8,2 — बाहरी कोश में 2 इलेक्ट्रॉन

(ii) इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से बनना:

Na2O — दो सोडियम परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन देते हैं, ऑक्सीजन दोनों ले लेता है:

2Na → 2Na+ + 2e  ;  O + 2e → O2−  ⟹  Na2O

MgO — मैग्नीशियम दो इलेक्ट्रॉन देता है, ऑक्सीजन दोनों ले लेता है:

Mg → Mg2+ + 2e  ;  O + 2e → O2−  ⟹  MgO

(iii) आयन: Na2O में Na+ और O2−; MgO में Mg2+ और O2−

प्रश्न 9. आयनिक यौगिकों का गलनांक अधिक क्यों होता है?

आयनिक यौगिकों में विपरीत आवेश वाले आयनों के बीच बहुत मजबूत स्थिरवैद्युत बल (electrostatic force of attraction) होता है। इन बंधनों को तोड़ने के लिए काफी अधिक ऊर्जा चाहिए होती है — इसलिए इनका गलनांक और क्वथनांक बहुत ऊँचा होता है।

प्रश्न 10. खनिज (Mineral), अयस्क (Ore) और गैंग (Gangue) की परिभाषा

(i) खनिज — पृथ्वी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले वे यौगिक/तत्व जिनमें धातुएँ होती हैं।

(ii) अयस्क — वे खनिज जिनसे धातु को लाभकारी (profitable) तरीके से निकाला जा सके। हर अयस्क खनिज होता है, पर हर खनिज अयस्क नहीं होता।

(iii) गैंग — अयस्क के साथ निकली हुई मिट्टी, रेत और दूसरी अवांछित अशुद्धियाँ।

प्रश्न 11. दो धातुएँ जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में मिलती हैं

गोल्ड (Au) और प्लैटिनम (Pt)। सिल्वर और कॉपर भी कभी-कभी मुक्त अवस्था में मिलते हैं। ये क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे नीचे हैं, इसलिए वायु/जल से अभिक्रिया नहीं करते और शुद्ध रूप में मिल जाते हैं।

प्रश्न 12. धातु ऑक्साइड से धातु निकालने के लिए कौन-सी रासायनिक प्रक्रिया प्रयोग होती है?

अपचयन (Reduction)। ऑक्साइड को कार्बन (कोक) या किसी अधिक क्रियाशील धातु के साथ गर्म करके धातु निकाली जाती है:

ZnO(s) + C(s) → Zn(s) + CO(g)

3MnO2(s) + 4Al(s) → 3Mn(l) + 2Al2O3(s) + ऊष्मा

बहुत क्रियाशील धातुओं (Na, K, Ca, Mg, Al) के लिए अपचयन विद्युत-अपघटन (electrolysis) से किया जाता है।

प्रश्न 13. जिंक, मैग्नीशियम और कॉपर के ऑक्साइडों को धातुओं के साथ गर्म करने पर विस्थापन कब होगा?

विस्थापन तभी होगा जब मिलाई गई धातु, ऑक्साइड वाली धातु से अधिक क्रियाशील हो। क्रियाशीलता: Mg > Zn > Cu

अभिक्रियाहोगी?
ZnO + Mg → MgO + Zn✅ हाँ
CuO + Zn → ZnO + Cu✅ हाँ
CuO + Mg → MgO + Cu✅ हाँ
ZnO + Cu❌ नहीं
MgO + Zn❌ नहीं
MgO + Cu❌ नहीं

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प्रश्न 14. कौन-सी धातुएँ आसानी से संक्षारित (corrode) नहीं होतीं?

गोल्ड (Au), प्लैटिनम (Pt) और काफी हद तक सिल्वर (Ag)। ये क्रियाशीलता श्रेणी में सबसे नीचे हैं, इसलिए वायु की ऑक्सीजन और नमी से आसानी से अभिक्रिया नहीं करतीं।

प्रश्न 15. मिश्रातु (Alloys) क्या होते हैं?

मिश्रातु (Alloy) दो या दो से अधिक धातुओं का (या एक धातु और एक अधातु का) समांगी मिश्रण (homogeneous mixture) होता है।

मिश्रातु बनाने से धातु के गुण बेहतर हो जाते हैं — अधिक मजबूती, कम संक्षारण, बेहतर रूप-रंग।

  • स्टील = आयरन + कार्बन
  • स्टेनलेस स्टील = आयरन + निकल + क्रोमियम
  • ब्रास (पीतल) = कॉपर + जिंक
  • ब्रॉन्ज़ (कांसा) = कॉपर + टिन
  • सोल्डर = लेड + टिन (कम गलनांक — तार जोड़ने में)
  • अमलगम = कोई धातु + मर्करी
प्रश्न 16. धातुओं और अधातुओं के ऑक्साइडों की प्रकृति में अंतर

धातु ऑक्साइड क्षारीय (basic) होते हैं — जल में घुलकर क्षार बनते हैं और अम्ल से अभिक्रिया करते हैं।

Na2O + H2O → 2NaOH

अधातु ऑक्साइड अम्लीय (acidic) होते हैं — जल में घुलकर अम्ल बनते हैं।

SO2 + H2O → H2SO3

उभयधर्मी ऑक्साइड (Al2O3, ZnO) अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं।

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अभ्यास प्रश्न — हल (Q1–Q16)

प्रश्न 1. कौन-सा जोड़ा विस्थापन अभिक्रिया देगा?

उत्तर: (d) AgNO3 विलयन और कॉपर धातु

कॉपर, सिल्वर से अधिक क्रियाशील है, इसलिए वह सिल्वर को विस्थापित कर देगा:

Cu(s) + 2AgNO3(aq) → Cu(NO3)2(aq) + 2Ag(s)

बाकी विकल्पों में मिलाई गई धातु कम क्रियाशील है, इसलिए अभिक्रिया नहीं होगी।

प्रश्न 2. आयरन की फ्राइंग पैन को जंग (rusting) से बचाने का सबसे अच्छा तरीका?

उत्तर: (c) जिंक की परत चढ़ाना (गैल्वनीकरण)

फ्राइंग पैन गर्म होती है और बार-बार धोई जाती है, इसलिए ग्रीस या पेंट टिकता नहीं। जिंक की परत आयरन से अधिक क्रियाशील है — वह स्वयं संक्षारित होकर आयरन को बचाती है, और गर्मी में भी बनी रहती है।

प्रश्न 3. ऑक्सीजन से उच्च गलनांक वाला जल में घुलनशील यौगिक बनाने वाला तत्व?

उत्तर: (a) कैल्शियम

कैल्शियम एक धातु है — उसका ऑक्साइड (CaO) आयनिक है, इसलिए गलनांक बहुत ऊँचा है और वह जल में घुलकर Ca(OH)2 बनाता है। कार्बन और सिलिकॉन अधातुएँ हैं (अम्लीय/सहसंयोजक ऑक्साइड), और आयरन ऑक्साइड जल में घुलनशील नहीं है।

प्रश्न 4. खाद्य डिब्बों (food cans) पर जिंक के बजाय टिन की परत क्यों होती है?

उत्तर: (c) जिंक, टिन से अधिक क्रियाशील है

जिंक भोजन में मौजूद अम्लों के साथ अभिक्रिया करके विषैले यौगिक बना सकता है। टिन कम क्रियाशील है, इसलिए भोजन सुरक्षित रहता है।

प्रश्न 5. हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार और स्विच से धातु-अधातु की पहचान कैसे करेंगे?

(a) दो परीक्षण:

  1. हथौड़ा परीक्षण (आघातवर्धनीयता): नमूने पर हथौड़ा मारिए। धातु पीटकर चपटी हो जाएगी; अधातु टुकड़ों में टूट जाएगी (भंगुर)।
  2. चालकता परीक्षण: बैटरी, बल्ब, स्विच और नमूने से परिपथ (circuit) बनाइए। बल्ब जले तो धातु, न जले तो अधातु।

(b) उपयोगिता: ये परीक्षण आम तौर पर बहुत उपयोगी हैं, पर पूरी तरह भरोसेमंद नहीं। कुछ अपवाद हैं — ग्रेफाइट अधातु होकर भी बिजली चालित करता है, और सोडियम धातु होकर भी बहुत मुलायम है। इसलिए निष्कर्ष के लिए दोनों परीक्षण साथ में करने चाहिए।

प्रश्न 6. उभयधर्मी ऑक्साइड क्या हैं? दो उदाहरण

वे धातु ऑक्साइड जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, उन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं।

उदाहरण: एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) और जिंक ऑक्साइड (ZnO)।

Al2O3 + 6HCl → 2AlCl3 + 3H2O

Al2O3 + 2NaOH → 2NaAlO2 + H2O

प्रश्न 7. दो धातुएँ जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापित करें, और दो जो न करें

हाइड्रोजन विस्थापित करने वाली (क्रियाशीलता श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर): जिंक (Zn) और मैग्नीशियम (Mg)। आयरन और एल्युमिनियम भी करते हैं।

Zn + 2HCl → ZnCl2 + H2

न करने वाली (हाइड्रोजन से नीचे): कॉपर (Cu) और सिल्वर (Ag)। गोल्ड और प्लैटिनम भी नहीं करते।

प्रश्न 8. विद्युत-अपघटनी परिष्करण में एनोड, कैथोड और विद्युत-अपघट्य क्या लेंगे?

किसी धातु M के विद्युत-अपघटनी परिष्करण में:

  • एनोड — अशुद्ध (impure) धातु M की मोटी प्लेट
  • कैथोड — शुद्ध धातु M की पतली पट्टी
  • विद्युत-अपघट्य — धातु M के लवण का विलयन (जैसे कॉपर के लिए अम्लीकृत CuSO4)

धारा प्रवाहित करने पर एनोड से शुद्ध धातु घुलकर कैथोड पर जम जाती है, और अशुद्धियाँ (एनोड मड) एनोड के नीचे बैठ जाती हैं।

प्रश्न 9. सल्फर को जलाने से निकली गैस का लिटमस पर क्या असर? समीकरण लिखिए

सल्फर जलने पर सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) गैस निकलती है — यह एक अम्लीय ऑक्साइड है।

(a)(i) सूखे लिटमस पेपर पर: कोई असर नहीं — जल के बिना गैस आयनित नहीं होती, H+ नहीं बनते।

(a)(ii) गीले लिटमस पेपर पर: नीला लिटमस लाल हो जाएगा, क्योंकि SO2 जल से मिलकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाता है।

(b) समीकरण:

S(s) + O2(g) → SO2(g)

SO2(g) + H2O(l) → H2SO3(aq)

प्रश्न 10. आयरन में जंग लगने से रोकने के दो तरीके
  1. पेंटिंग / तेल / ग्रीस लगाना — आयरन की सतह पर परत चढ़ाकर उसे वायु की ऑक्सीजन और नमी से अलग कर देना।
  2. गैल्वनीकरण — आयरन पर जिंक की परत चढ़ाना। जिंक आयरन से अधिक क्रियाशील है, इसलिए वह स्वयं संक्षारित होकर आयरन को बचाता है (त्याग-सुरक्षा/sacrificial protection)।

मिश्रातु बनाना (जैसे स्टेनलेस स्टील बनाना) भी एक स्थायी उपाय है।

प्रश्न 11. अधातुएँ ऑक्सीजन से मिलकर किस प्रकार के ऑक्साइड बनाती हैं?

अम्लीय ऑक्साइड। ये जल में घुलकर अम्ल बनाते हैं और क्षार के साथ अभिक्रिया करते हैं।

CO2 + H2O → H2CO3

SO3 + H2O → H2SO4

कुछ अधातु ऑक्साइड उदासीन (neutral) भी होते हैं — जैसे CO, N2O और H2O।

प्रश्न 12. कारण बताइए (a) से (d)

(a) प्लैटिनम, गोल्ड और सिल्वर से आभूषण क्यों? ये बहुत कम क्रियाशील हैं — वायु, नमी और अम्ल से संक्षारित नहीं होते, इसलिए इनकी चमक सालों तक बनी रहती है। साथ ही ये बहुत आघातवर्धनीय और तन्य हैं।

(b) सोडियम, पोटैशियम और लिथियम तेल में क्यों? ये इतने क्रियाशील हैं कि वायु के संपर्क में आते ही जल उठते हैं और जल से तीव्र अभिक्रिया करते हैं। तेल इन्हें वायु और नमी से अलग रखता है।

(c) एल्युमिनियम क्रियाशील है फिर भी बर्तन क्यों? वायु में आते ही एल्युमिनियम पर एल्युमिनियम ऑक्साइड की पतली, मजबूत परत बन जाती है जो अंदर की धातु को आगे संक्षारित होने से रोकती है। साथ ही वह हल्का है और ऊष्मा का अच्छा चालक है।

(d) कार्बोनेट और सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइड में क्यों बदलते हैं? क्योंकि ऑक्साइड को अपचयित करना सबसे आसान है — कार्बोनेट या सल्फाइड से सीधे धातु निकालना मुश्किल है। इसलिए कार्बोनेट का निस्तापन और सल्फाइड का भर्जन करके पहले ऑक्साइड बनाया जाता है।

प्रश्न 13. कॉपर के बर्तन नींबू या इमली से क्यों साफ होते हैं?

कॉपर वायु की नमी और CO2 से मिलकर बेसिक कॉपर कार्बोनेट की हरी परत बना लेता है — इससे बर्तन धुंधला (tarnished) दिखता है।

नींबू और इमली में साइट्रिक और टार्टरिक अम्ल होते हैं। ये अम्ल उस बेसिक हरी परत को उदासीन करके घोल देते हैं, जिससे बर्तन दोबारा चमक जाता है।

प्रश्न 14. रासायनिक गुणों के आधार पर धातु और अधातु में अंतर
धातुअधातु
इलेक्ट्रॉन खोती हैं — धनायन बनाती हैंइलेक्ट्रॉन लेती हैं — ऋणायन बनाती हैं
ऑक्साइड क्षारीय (कुछ उभयधर्मी)ऑक्साइड अम्लीय (कुछ उदासीन)
तनु अम्ल से H2 निकालती हैंतनु अम्ल से H2 नहीं निकालतीं
अपचायक (reducing agent) हैंआम तौर पर ऑक्सीकारक (oxidising agent) हैं
हाइड्रोजन के साथ आम तौर पर अभिक्रिया नहीं करतींहाइड्रोजन के साथ सहसंयोजक हाइड्राइड बनाती हैं

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प्रश्न 15. नकली सुनार ने कौन-सा विलयन इस्तेमाल किया जिससे चूड़ियों का वजन घट गया?

उस आदमी ने अम्लराज (aqua regia) का इस्तेमाल किया था।

अम्लराज = 3 भाग सांद्र HCl + 1 भाग सांद्र HNO3। यह दुनिया का एक मात्र सामान्य मिश्रण है जो गोल्ड को घोल सकता है

चूड़ियों की ऊपरी परत घुल गई — इसलिए वे नई जैसी चमकने लगीं, पर उनका वजन काफी घट गया। घुला हुआ गोल्ड आदमी के पास रह गया।

प्रश्न 16. गर्म पानी की टंकी कॉपर से बनती है, स्टील से क्यों नहीं?

कॉपर गर्म पानी (और भाप) के साथ अभिक्रिया नहीं करता, जबकि आयरन/स्टील गर्म पानी और भाप के साथ अभिक्रिया करके आयरन ऑक्साइड बना लेता है — टंकी जंग खाकर लीक करने लगेगी।

3Fe(s) + 4H2O(g) → Fe3O4(s) + 4H2(g)

साथ ही कॉपर ऊष्मा का बहुत अच्छा चालक है, इसलिए पानी जल्दी गर्म होता है।

महत्वपूर्ण समीकरण — एक नज़र में

महत्वपूर्ण सूत्र और समीकरण

अवधारणासमीकरण / नियमयाद रखें
क्रियाशीलता श्रेणीK > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > AuH से ऊपर वाली ही अम्ल से H2 देती हैं
धातु + जल2Na + 2H2O → 2NaOH + H2केवल क्रियाशील धातुएँ
आयरन + भाप3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2Fe3O4, Fe2O3 नहीं
धातु + अम्लZn + 2HCl → ZnCl2 + H2पॉप टेस्ट
उभयधर्मी ऑक्साइडAl2O3 + 6HCl / + 2NaOHAl2O3, ZnO
निस्तापन (Calcination)ZnCO3 Δ→ ZnO + CO2कार्बोनेट, वायु के बिना
भर्जन (Roasting)2ZnS + 3O2 → 2ZnO + 2SO2सल्फाइड, वायु में
अपचयन (कार्बन से)ZnO + C → Zn + COमध्यम क्रियाशील धातुएँ
थर्माइटFe2O3 + 2Al → 2Fe + Al2O3रेलवे ट्रैक वेल्डिंग
अम्लराज (Aqua regia)3 HCl (सांद्र) : 1 HNO3 (सांद्र)गोल्ड घोल देता है

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सामान्य गलतियाँ — यहाँ अंक कटते हैं

  1. आयरन + भाप का उत्पाद गलत लिखना। सही है Fe3O4, Fe2O3 नहीं। हर साल गलत होता है।
  2. निस्तापन (calcination) और भर्जन (roasting) को मिला देना। निस्तापन = कार्बोनेट, वायु के बिना। भर्जन = सल्फाइड, वायु में। दोनों अलग-अलग चीज़ें हैं।
  3. विद्युत-अपघटनी परिष्करण में एनोड-कैथोड उल्टा लिखना। एनोड = अशुद्ध धातु, कैथोड = शुद्ध धातु।
  4. अम्लराज (aqua regia) का अनुपात उल्टा लिखना। सही: 3 HCl : 1 HNO3, उल्टा नहीं।
  5. उभयधर्मी ऑक्साइड की सिर्फ एक अभिक्रिया लिखना। अंक तभी मिलेंगे जब अम्ल और क्षार दोनों के साथ समीकरण लिखी हो।
  6. प्रश्न 5(b) में सिर्फ "हाँ उपयोगी है" लिख देना। अपवाद (ग्रेफाइट चालित करता है, सोडियम मुलायम है) लिखना ज़रूरी है — वहीं असली अंक हैं।

बोर्ड-शैली महत्वपूर्ण प्रश्न

नोट: ये CBSE बोर्ड के पैटर्न पर बने practice questions हैं। ये किसी एक साल का verified previous-year paper नहीं है। असली PYQ के लिए CBSE की official website या अपने school से past papers लें।
  • 1 अंक: अम्लराज (aqua regia) क्या है? इसका एक उपयोग लिखिए।
  • 2 अंक: निस्तापन (calcination) और भर्जन (roasting) में अंतर स्पष्ट कीजिए, एक-एक समीकरण के साथ।
  • 3 अंक: उभयधर्मी ऑक्साइड क्या है? Al2O3 के अम्ल और क्षार के साथ समीकरण लिखिए।
  • 3 अंक: गैल्वनीकरण क्या है? यह आयरन को जंग से कैसे बचाता है? एक और तरीका लिखिए।
  • 5 अंक: किसी अयस्क से धातु निकालने के तीन चरण समझाइए और हर चरण की एक समीकरण लिखिए। बहुत क्रियाशील धातुओं के लिए अलग तरीका क्यों चाहिए?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 3 में कितने प्रश्न हैं?

इस अध्याय में 16 इन-टेक्स्ट प्रश्न और 16 अभ्यास प्रश्न हैं — कुल 32 प्रश्न, जिनके हल ऊपर दिए गए हैं।

क्रियाशीलता श्रेणी (reactivity series) याद करने का आसान तरीका क्या है?

K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au. सबसे ज़रूरी बात — हाइड्रोजन से ऊपर वाली धातुएँ ही तनु अम्ल से हाइड्रोजन गैस निकाल सकती हैं, नीचे वाली नहीं।

निस्तापन (calcination) और भर्जन (roasting) में क्या फर्क है?

निस्तापन में कार्बोनेट अयस्क को वायु की अनुपस्थिति में गर्म किया जाता है। भर्जन में सल्फाइड अयस्क को वायु की उपस्थिति में गर्म किया जाता है। दोनों का मकसद अयस्क को ऑक्साइड में बदलना है, क्योंकि ऑक्साइड को अपचयित करना सबसे आसान है।

अम्लराज (aqua regia) क्या है?

अम्लराज 3 भाग सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और 1 भाग सांद्र नाइट्रिक अम्ल का मिश्रण है। यह गोल्ड और प्लैटिनम को भी घोल सकता है, इसलिए इसे 'royal water' कहा जाता है।

उभयधर्मी ऑक्साइड कौन-से होते हैं?

वे धातु ऑक्साइड जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं। सबसे आम उदाहरण एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) और जिंक ऑक्साइड (ZnO) हैं।

अध्याय 3 बोर्ड परीक्षा के लिए कितना महत्वपूर्ण है?

CBSE अध्याय-वार वेटेज आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं करता। यह अध्याय सामग्री के हिसाब से सबसे बड़ा है — क्रियाशीलता श्रेणी, धातुकर्म के तीन चरण और संक्षारण हर जगह काम आते हैं।

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लिखा गयाNCERT Kaksha editorial team
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SyllabusCBSE 2026–27

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