Class 10 Science · Chapter 13 · हिंदी माध्यम
संक्षिप्त उत्तर:
इस अध्याय में NCERT के सारे 7 in-text प्रश्न (3 page-wise sets) और सारे 9 exercise प्रश्न step-by-step हल किए गए हैं — NCERT के exact क्रम में। इसके अलावा एक key concepts reference table (trophic levels, 10% नियम, biomagnification, ozone layer, biodegradable vs non-biodegradable), 6 common exam mistakes जो छात्र हर साल करते हैं, 5 board-style practice questions (1, 2, 3, 5 अंक), और 6 FAQs भी दिए गए हैं। Coverage: पारितंत्र और उसके घटक, उत्पादक-उपभोक्ता-अपघटक, खाद्य शृंखला और खाद्य जाल, ऊर्जा प्रवाह का 10% नियम, जैव आवर्धन, ओज़ोन परत का बनना और उसका क्षय (CFCs), और अपशिष्ट प्रबंधन — जैव निम्नीकरणीय बनाम अजैव निम्नीकरणीय।
हर trophic level पर सिर्फ 10% ऊर्जा आगे जाती है, इसीलिए food chain में 4-5 से ज़्यादा levels बनते ही नहीं। यही एक पंक्ति पूरे अध्याय की आत्मा है। "हमारा पर्यावरण" में हम देखते हैं कि हम जिस दुनिया में रहते हैं वह असल में कैसे चलती है — सूरज से ऊर्जा आती है, पौधे उसे भोजन में बदलते हैं, फिर वह भोजन एक जीव से दूसरे जीव तक जाता है, और जो बचा-खुचा है उसे decomposers तोड़कर वापस मिट्टी में मिला देते हैं। यह एक बंद लूप (closed loop) है जिसमें पदार्थ चक्रित होता है पर ऊर्जा सिर्फ एक दिशा में बहती है — और हर step पर बहुत ज़्यादा क्षय (waste) होती है।
समस्या तब शुरू होती है जब मनुष्य इस लूप में ऐसी चीज़ें डाल देता है जो लूप तोड़ देती हैं — प्लास्टिक जो decompose ही नहीं होता, DDT जो हर level पर सांद्रित होता जाता है, और CFCs जो 30 km ऊपर जाकर ओज़ोन परत को खा जाते हैं। यह अध्याय सिर्फ रटने वाला नहीं है — बोर्ड में इससे energy flow calculations, food chain arrows, biomagnification reasoning और ओज़ोन के प्रश्न सीधे आते हैं, और ज़्यादातर अंक इसलिए कटते हैं क्योंकि concept नहीं, दिशा (direction) गलत हो जाती है।
अध्याय 13 सारांश — 5 मिनट रिवीजन
1. पारितंत्र (Ecosystem) क्या है?
किसी क्षेत्र के सारे जीवित जीव (जैविक घटक) + उनके आसपास का भौतिक वातावरण (अजैविक घटक) — दोनों मिलकर एक पारितंत्र (ecosystem) बनाते हैं। दोनों एक-दूसरे के साथ लगातार interact करते हैं।
- जैविक घटक (Biotic): पौधे, जानवर, bacteria, fungi — यानी सब जीव।
- अजैविक घटक (Abiotic): तापमान, वर्षा, हवा, मिट्टी, सूर्यप्रकाश, खनिज — निर्जीव चीज़ें।
पारितंत्र के प्रकार
| प्रकार | कैसे बनता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्राकृतिक (Natural) | खुद-ब-खुद, बिना मनुष्य के | वन, तालाब, झील, समुद्र, घास का मैदान, रेगिस्तान |
| कृत्रिम (Artificial/man-made) | मनुष्य बनाता और maintain करता है | बगीचा, फसल का खेत, aquarium |
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नोट: Aquarium एक कृत्रिम पारितंत्र है — इसमें हमें खुद भोजन देना पड़ता है और पानी साफ करना पड़ता है, क्योंकि इसमें पूर्ण natural cycle नहीं होती।
2. पारितंत्र के क्रियात्मक घटक (Functional components)
| घटक | काम | उदाहरण |
|---|---|---|
| उत्पादक (Producers/Autotrophs) | प्रकाश संश्लेषण से सूर्यप्रकाश की ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा (भोजन) में बदलते हैं। ये ही ecosystem में ऊर्जा का प्रवेश बिंदु हैं। | हरे पौधे, नील-हरित शैवाल (cyanobacteria) |
| उपभोक्ता (Consumers/Heterotrophs) | प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से producers पर निर्भर होते हैं | सभी जानवर |
| अपघटक (Decomposers) | मृत जीवों और कचरे को तोड़कर सरल अकार्बनिक पदार्थ बनाते हैं, जो वापस मिट्टी में चले जाते हैं | Bacteria, fungi |
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उपभोक्ताओं के 4 प्रकार
- शाकाहारी (Herbivores) — सिर्फ पौधे खाते हैं (गाय, हिरण, बकरी)
- माँसाहारी (Carnivores) — सिर्फ दूसरे जानवर खाते हैं (शेर, साँप, मेंढक)
- सर्वाहारी (Omnivores) — दोनों खाते हैं (मानव, कौआ, भालू)
- परजीवी (Parasites) — किसी जीवित host पर रहकर उसका भोजन लेते हैं (जूँ, जोंक, अमरबेल/Cuscuta)
3. खाद्य शृंखला (Food chain) और Trophic levels
खाद्य शृंखला (Food chain) = organisms की एक श्रृंखला जिसमें हर जीव अगले जीव का भोजन बनता है। हर step को एक trophic level कहते हैं।
| Trophic level | कौन | उदाहरण (घास का मैदान) |
|---|---|---|
| पहला (T1) | उत्पादक | घास |
| दूसरा (T2) | प्राथमिक उपभोक्ता — शाकाहारी | टिड्डा / हिरण |
| तीसरा (T3) | द्वितीयक उपभोक्ता — छोटे माँसाहारी | मेंढक |
| चौथा (T4) | तृतीयक उपभोक्ता — बड़े माँसाहारी | साँप |
| पाँचवाँ (T5) | चतुर्थक उपभोक्ता — top carnivore | बाज़ / चील |
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तीर की दिशा: तीर हमेशा ऊर्जा प्रवाह की दिशा में होता है — खाने वाले की तरफ।
घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज़
खाद्य जाल (Food web)
वास्तविक पारितंत्र में organisms एक से ज़्यादा food chains का हिस्सा होते हैं। जब बहुत सारी food chains आपस में interconnect हो जाती हैं, तो जो network बनता है उसे food web कहते हैं। Food web ज़्यादा वास्तविक है — क्योंकि एक हिरण को सिर्फ शेर ही नहीं खाता, और शेर सिर्फ हिरण ही नहीं खाता।
4. ऊर्जा प्रवाह — 10% नियम
सूर्य से ऊर्जा पौधों में आती है (~1% incident सूर्यप्रकाश photosynthesis में convert होता है)। उसके बाद हर trophic level पर:
- सिर्फ 10% ऊर्जा अगले trophic level तक पहुँचती है
- 90% ऊर्जा श्वसन, ताप, गति, पाचन और जीवन प्रक्रियाओं में खर्च हो जाती है
दो बहुत महत्वपूर्ण परिणाम:
- Food chain में 4-5 से ज़्यादा trophic levels नहीं होते — क्योंकि 5वें level तक ऊर्जा इतनी कम बच जाती है कि उस पर कोई population survive ही नहीं कर सकती।
- ऊर्जा प्रवाह एकदिश (unidirectional) है — सूर्य → producers → consumers। यह कभी वापस नहीं जाती। इसलिए ecosystem को लगातार सूर्य से ऊर्जा की आपूर्ति चाहिए।
इसी वजह से ऊपर के trophic levels के सदस्य सबसे कम संख्या में होते हैं — 10,000 J घास सिर्फ 10 J top carnivore को support कर सकती है।
5. जैव आवर्धन (Biological Magnification/Biomagnification)
परिभाषा: हानिकारक अजैव निम्नीकरणीय रसायनों (जैसे pesticides DDT, mercury) का food chain के हर उत्तरोत्तर trophic level पर सांद्रण बढ़ते जाना — इसे जैव आवर्धन (biological magnification) कहते हैं।
क्यों होता है? ये रसायन न तो टूटते हैं, न शरीर से excrete होते हैं — वसा में जमा हो जाते हैं। जब एक बड़ी मछली 100 छोटी मछलियाँ खाती है, तो 100 मछलियों का पूरा DDT उसमें आ जाता है।
सबसे ज़्यादा सांद्रण: सबसे ऊँचे trophic level पर — और बहुत सारी food chains में मानव सबसे ऊपर होते हैं।
रास्ता: मिट्टी/पानी (pesticide छिड़काव) → पौधे → शाकाहारी → माँसाहारी → मानव (अधिकतम सांद्रण)
6. ओज़ोन परत (Ozone Layer)
ओज़ोन (O3) = ऑक्सीजन के 3 परमाणुओं का अणु। भूतल पर यह एक घातक विष (deadly poison) है, लेकिन वायुमंडल के ऊपरी भाग (stratosphere) में यह एक सुरक्षा कवच का काम करता है।
ओज़ोन कैसे बनता है
ऊँचे levels पर UV विकिरण O2 अणु को तोड़ती है, और मुक्त ऑक्सीजन परमाणु O2 से जुड़कर O3 बनाते हैं:
O2 (UV)→ O + O
O + O2 → O3 (ओज़ोन)
ओज़ोन का काम
यह सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण को सोखकर पृथ्वी तक पहुँचने से रोकती है। UV विकिरण से होते हैं — त्वचा कैंसर (skin cancer), मोतियाबिंद (cataract), प्रतिरक्षा तंत्र को नुकसान, और पौधों/phytoplankton को नुकसान।
ओज़ोन क्षय (Ozone depletion)
- 1980 के दशक से ओज़ोन परत में तेज़ी से कमी देखी गई।
- मुख्य दोषी: CFCs (Chlorofluorocarbons) — refrigerators और fire extinguishers में इस्तेमाल होते थे।
- UNEP के माध्यम से 1987 में सहमति बनी कि CFC उत्पादन को स्थिर (freeze) किया जाए (Montreal Protocol)। आज कई देशों में CFC-मुक्त refrigerators अनिवार्य हैं।
7. अपशिष्ट प्रबंधन — जैव निम्नीकरणीय बनाम अजैव निम्नीकरणीय
| बिंदु | जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) | अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) |
|---|---|---|
| परिभाषा | जो decomposers (bacteria/fungi) के enzymes से टूट जाते हैं | जिन्हें decomposers तोड़ नहीं पाते |
| उदाहरण | कागज़, सब्ज़ी के छिलके, गोबर, लकड़ी, कपास, ऊन, चमड़ा | प्लास्टिक, पॉलीथीन, DDT, काँच, एल्युमिनियम के डिब्बे, रेडियोधर्मी कचरा |
| समय | दिनों से महीनों में | वर्षों तक, कभी-कभी हज़ार साल |
| मुख्य समस्या | दुर्गंध, मक्खियाँ, बीमारी-प्रसार, decomposition के दौरान | मिट्टी की उर्वरता की हानि, नाली अवरोध, जानवरों की मृत्यु, जैव आवर्धन |
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Enzymes ही असली कारण हैं: Decomposers के enzymes विशिष्ट (specific) होते हैं। प्राकृतिक पदार्थों के लिए enzyme मौजूद होता है; मानव-निर्मित पदार्थ जैसे प्लास्टिक के लिए कोई enzyme evolve ही नहीं हुआ — इसलिए वह अजैव निम्नीकरणीय है।
कचरा कम करने के तरीके
- पृथक्करण (Segregation) — जैव निम्नीकरणीय और अजैव निम्नीकरणीय कचरे को अलग-अलग dustbin में
- Compost / vermicompost — रसोई और बगीचे के कचरे से खाद
- पुनर्चक्रण (Recycling) — कागज़, काँच, धातु, प्लास्टिक
- पुनः उपयोग और घटाना (Reuse aur Reduce) — कपड़े का थैला ले जाना, single-use plastic से बचना
- Sewage treatment पानी छोड़ने से पहले
इन-टेक्स्ट प्रश्न — हल
प्रश्न 1. कुछ पदार्थ जैव निम्नीकरणीय (biodegradable) और कुछ अजैव निम्नीकरणीय (non-biodegradable) क्यों होते हैं?
इसका पूरा उत्तर decomposers के enzymes में छिपा है।
- जैव निम्नीकरणीय पदार्थ: ये वे पदार्थ हैं जिन्हें bacteria और fungi (saprophytes) अपने enzymes की मदद से तोड़कर सरल हानिरहित पदार्थों में बदल देते हैं। कारण यह है कि इन पदार्थों के लिए प्रकृति में पहले से ही विशिष्ट enzymes मौजूद हैं, क्योंकि ये पदार्थ खुद प्रकृति का ही हिस्सा रहे हैं — जैसे सब्ज़ी के छिलके, कागज़, गोबर, लकड़ी।
- अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ: ये ज़्यादातर मानव-निर्मित (synthetic) पदार्थ हैं जैसे प्लास्टिक, पॉलीथीन, DDT। Enzymes बहुत ही विशिष्ट (specific) होते हैं — एक enzyme सिर्फ एक particular type के chemical bond पर काम करता है। इन कृत्रिम पदार्थों की रासायनिक संरचना को तोड़ने वाला कोई enzyme किसी भी decomposer में evolve ही नहीं हुआ। इसलिए ये पर्यावरण में वर्षों तक वैसे ही पड़े रहते हैं।
एक पंक्ति में उत्तर: जिनके लिए decomposers के पास matching enzyme है वे जैव निम्नीकरणीय हैं; जिनके लिए नहीं है वे अजैव निम्नीकरणीय हैं।
प्रश्न 2. जैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को किन दो तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं, बताइए।
जैव निम्नीकरणीय होने का मतलब यह नहीं कि कोई नुकसान नहीं होता। Decomposition के दौरान ये समस्याएँ होती हैं:
- दुर्गंध और अस्वच्छ स्थितियाँ: जब जैव निम्नीकरणीय कचरा (रसोई कचरा, sewage, मृत पदार्थ) बड़ी मात्रा में जमा हो जाता है, तो decomposition के दौरान दुर्गंधयुक्त गैसें निकलती हैं जो वायु प्रदूषण और बदबू पैदा करती हैं।
- रोगकारी जीवों के प्रजनन स्थल: यह सड़ता हुआ कचरा मक्खियों, मच्छरों और तिलचट्टों के लिए एकदम सही प्रजनन स्थल बन जाता है, जो हैज़ा, dysentery, मलेरिया जैसी बीमारियाँ फैलाते हैं।
अतिरिक्त बिंदु (यदि ज़्यादा अंकों का प्रश्न हो):
- जल स्रोतों में जाकर ये eutrophication करते हैं — bacteria ऑक्सीजन consume कर लेते हैं, जिससे पानी में घुलित ऑक्सीजन घटती है और मछलियाँ मर जाती हैं।
- Decomposition से निकलने वाली मीथेन गैस एक greenhouse gas है।
प्रश्न 3. अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को किन दो तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं, बताइए।
- जैव आवर्धन (biological magnification): अजैव निम्नीकरणीय रसायन जैसे pesticides (DDT) और भारी धातुएँ food chain में प्रवेश करके हर trophic level पर सांद्रित होते जाते हैं। सबसे ज़्यादा सांद्रण top consumers में होता है — अक्सर मानव में। इससे गंभीर स्वास्थ्य विकार होते हैं।
- मिट्टी और जल प्रदूषण: प्लास्टिक और पॉलीथीन मिट्टी में पड़े रहने से मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है और पानी का रिसाव रुकता है। नालियाँ और sewers block हो जाते हैं जिससे जलजमाव होता है।
अतिरिक्त बिंदु:
- जानवरों की मृत्यु: गायें और आवारा जानवर प्लास्टिक की थैलियाँ निगल लेते हैं, जो उनके पाचन तंत्र में फँसकर उनकी मृत्यु का कारण बन जाता है।
- ये पदार्थ वर्षों तक जमा होते रहते हैं क्योंकि natural cycles इन्हें recycle नहीं कर पाते।
प्रश्न 4. Trophic levels क्या हैं? एक food chain का उदाहरण दीजिए और उसमें विभिन्न trophic levels बताइए।
Trophic level: Food chain में हर एक step या level जहाँ ऊर्जा transfer होती है, उसे trophic level कहते हैं। एक trophic level में वे सारे organisms आते हैं जो food chain में producers से समान संख्या में steps दूर हैं।
उदाहरण food chain (घास के मैदान का ecosystem):
घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज़
| जीव | Trophic level | श्रेणी |
|---|---|---|
| घास | पहला | उत्पादक (autotroph) |
| टिड्डा | दूसरा | प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी) |
| मेंढक | तीसरा | द्वितीयक उपभोक्ता (छोटा माँसाहारी) |
| साँप | चौथा | तृतीयक उपभोक्ता (बड़ा माँसाहारी) |
| बाज़ | पाँचवाँ | चतुर्थक उपभोक्ता (top carnivore) |
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याद रखो: तीर हमेशा खाए जाने वाले से खाने वाले की ओर जाता है — यानी ऊर्जा प्रवाह की दिशा में।
प्रश्न 5. पारितंत्र (ecosystem) में अपघटकों (decomposers) की क्या भूमिका है?
Decomposers (bacteria और fungi) ecosystem के recycling विभाग हैं। उनकी भूमिका:
- जटिल कार्बनिक पदार्थ को तोड़ना: ये मृत पौधों, मृत जानवरों और उनके अपशिष्ट उत्पादों को तोड़कर सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदल देते हैं।
- पोषक तत्वों को वापस मिट्टी में लौटाना: ये सरल पदार्थ मिट्टी और पानी में वापस मिल जाते हैं, जहाँ से पौधे उन्हें दोबारा अवशोषित करके इस्तेमाल करते हैं। इससे nutrient cycling चलती रहती है।
- पर्यावरण को साफ रखना: अगर decomposers न होते तो पृथ्वी पर मृत शरीरों और कचरे के ढेर लग जाते, और पोषक तत्व उनमें बंद (lock) हो जाते।
- मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना: Decomposition से humus बनता है जो मिट्टी को उपजाऊ बनाता है।
एक पंक्ति में: Decomposers पदार्थ का चक्र पूरा करते हैं — इनके बिना ecosystem का material flow रुक जाएगा।
प्रश्न 6. ओज़ोन क्या है और यह किसी भी पारितंत्र को कैसे प्रभावित करता है?
ओज़ोन (O3) ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बना एक अणु है, जबकि हमारी साँस लेने वाली सामान्य ऑक्सीजन (O2) दो परमाणुओं की होती है।
ओज़ोन कैसे बनता है: वायुमंडल के ऊपरी levels (stratosphere) में UV विकिरण ऑक्सीजन अणु को तोड़ देती है, और मुक्त ऑक्सीजन परमाणु O2 के साथ जुड़कर ओज़ोन बना देते हैं:
O2 (UV)→ O + O
O + O2 → O3
पारितंत्र पर प्रभाव — दोनों तरफ:
- भूतल पर ओज़ोन एक घातक विष है — यह जीवित ऊतकों (living tissues) को नुकसान पहुँचाता है।
- ऊपरी वायुमंडल में ओज़ोन एक सुरक्षा कवच है। यह सूर्य से आने वाली हानिकारक UV विकिरण को सोख लेती है और पृथ्वी तक नहीं पहुँचने देती।
अगर ओज़ोन परत क्षतिग्रस्त हो जाए: अधिक UV विकिरण पृथ्वी पर पहुँचेगी, जिससे मानव में त्वचा कैंसर और मोतियाबिंद, पौधों में प्रकाश संश्लेषण को नुकसान, और महासागरों में phytoplankton की मृत्यु होगी। Phytoplankton के मरने का मतलब है पूरी जलीय food chain के आधार का हिलना।
प्रश्न 7. कचरा निपटान (waste disposal) की समस्या को कम करने में आप कैसे मदद कर सकते हैं? कोई दो तरीके बताइए।
- कचरे का पृथक्करण और compost बनाना: घर पर ही जैव निम्नीकरणीय (रसोई कचरा, सब्ज़ी के छिलके, बगीचे की पत्तियाँ) और अजैव निम्नीकरणीय (प्लास्टिक, काँच, धातु) कचरे को अलग-अलग dustbin में डालना। जैव निम्नीकरणीय कचरे से घर पर ही compost / vermicompost बनाकर पौधों के लिए खाद की तरह इस्तेमाल करना — इससे landfill में जाने वाला कचरा काफी कम हो जाता है।
- घटाना, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण (Reduce, Reuse aur Recycle): खरीदारी के लिए प्लास्टिक थैले की जगह कपड़े या जूट का थैला ले जाना, single-use plastic (straw, disposable cups, cutlery) से बचना, और कागज़, काँच, धातु और प्लास्टिक को पुनर्चक्रण के लिए अलग देना।
और भी तरीके:
- कागज़ के दोनों तरफ लिखना और पुराने अखबारों/notebooks को recycle करना
- Disposable items की जगह reusable steel/glass items इस्तेमाल करना
- कचरे को खुले में न जलाना (इससे toxic gases निकलती हैं)

Poore Class 10 Science ke handwritten colour notes
IITian & district toppers ke banaye short notes — revision-ready, diagram ke saath. Board se pehle poora syllabus 3 din me revise.
अभ्यास प्रश्न — हल (Q1–Q9)
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से किस समूह में केवल जैव निम्नीकरणीय (biodegradable) पदार्थ हैं?
(a) घास, फूल और चमड़ा
(b) घास, लकड़ी और प्लास्टिक
(c) फलों के छिलके, केक और नींबू का रस
(d) केक, लकड़ी और घास
उत्तर: (a), (c) और (d)
तर्क:
- (a) घास, फूल, चमड़ा — तीनों प्राकृतिक (natural) मूल के हैं, decomposers इन्हें तोड़ सकते हैं। ✓
- (b) घास और लकड़ी जैव निम्नीकरणीय हैं, लेकिन प्लास्टिक अजैव निम्नीकरणीय (non-biodegradable) है। इसलिए यह समूह qualify नहीं करता। ✗
- (c) फलों के छिलके, केक, नींबू का रस — सभी food items हैं, जल्दी decompose हो जाते हैं। ✓
- (d) केक, लकड़ी, घास — सभी प्राकृतिक organic matter हैं। ✓
Trick: समूह में सिर्फ एक अजैव निम्नीकरणीय item भी हो तो पूरा समूह reject हो जाता है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा एक खाद्य शृंखला (food-chain) बनाता है?
(a) घास, गेहूँ और आम
(b) घास, बकरी और मानव
(c) बकरी, गाय और हाथी
(d) घास, मछली और बकरी
उत्तर: (b) घास, बकरी और मानव
तर्क:
- (a) घास, गेहूँ, आम — तीनों उत्पादक (producers) हैं। कोई किसी को नहीं खाता, इसलिए food chain नहीं बनती। ✗
- (b) घास → बकरी → मानव — producer → herbivore → omnivore। ऊर्जा transfer का सही sequence है। ✓
- (c) बकरी, गाय, हाथी — तीनों herbivores हैं, एक ही trophic level पर। एक-दूसरे को नहीं खाते। ✗
- (d) घास, मछली, बकरी — मछली घास नहीं खाती (और न ही बकरी मछली खाती है)। यह logical sequence नहीं है। ✗
Rule: Food chain बनने के लिए हर organism का अगले organism का food होना ज़रूरी है — और chain हमेशा एक producer से शुरू होती है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सी पर्यावरण-अनुकूल (environment-friendly) practices हैं?
(a) खरीदारी के समय सामान रखने के लिए कपड़े के थैले ले जाना
(b) अनावश्यक बत्तियाँ और पंखे बंद करना
(c) माँ से स्कूटर पर छुड़वाने की बजाय स्कूल पैदल जाना
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) उपरोक्त सभी
तर्क:
- (a) कपड़े का थैला reusable है — इससे प्लास्टिक (अजैव निम्नीकरणीय) waste generate ही नहीं होता।
- (b) बिजली बचाने का मतलब है power plants में कम कोयला जलना — कम CO2 और कम वायु प्रदूषण।
- (c) पैदल चलने से पेट्रोल नहीं जलता — कम vehicular emissions, और सेहत के लिए भी अच्छा।
तीनों ही practices resource conservation और pollution reduction में मदद करती हैं, इसलिए (d) सही है।
प्रश्न 4. यदि किसी एक trophic level के सभी जीवों को नष्ट कर दिया जाए तो क्या होगा?
अगर किसी एक trophic level के सारे organisms मर जाएँ तो पूरा ecosystem असंतुलित (imbalance) हो जाएगा, क्योंकि हर level ऊपर और नीचे दोनों से जुड़ा हुआ है। दो चीज़ें एक साथ होंगी:
- उस level के ऊपर वाले organisms भूख से मर जाएँगे — उनका food source ही खत्म हो जाएगा।
- उस level के नीचे वाले organisms की population बेतहाशा बढ़ जाएगी — उन्हें खाने वाला कोई नहीं बचेगा।
उदाहरण से समझें: Food chain — घास → हिरण → शेर। अगर सारे हिरण मार दिए जाएँ:
- शेरों को भोजन नहीं मिलेगा → वे भूख से मर जाएँगे या migrate कर जाएँगे।
- घास को कोई खाने वाला नहीं बचेगा → घास overgrow करेगी।
महत्वपूर्ण बिंदु: ऐसा नुकसान irreversible हो सकता है, क्योंकि प्रकृति में हटाए गए organism की जगह तुरंत कोई नहीं लेता और पूरा energy flow टूट जाता है।
प्रश्न 5. क्या किसी trophic level के सभी जीवों को हटाने का प्रभाव अलग-अलग trophic levels के लिए अलग होगा? क्या किसी भी trophic level के जीवों को बिना ecosystem को नुकसान पहुँचाए हटाया जा सकता है?
पहला भाग — हाँ, प्रभाव हर level पर अलग होगा।
| हटाया गया level | क्या होगा |
|---|---|
| Producers | सबसे ज़्यादा विनाशकारी। पूरा ecosystem collapse हो जाएगा, क्योंकि ऊर्जा का entry point ही खत्म। सारे consumers मरेंगे। |
| Herbivores | Carnivores भोजन के बिना मर जाएँगे, और पौधे अनियंत्रित रूप से बढ़ जाएँगे। |
| Carnivores | Herbivores की population explode करेगी, जो सारी vegetation खा जाएगी — आखिर में vegetation और खुद herbivores दोनों खत्म। |
| Top carnivores | नीचे वाले levels की population अनियंत्रित बढ़ेगी, भोजन की कमी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। |
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दूसरा भाग — नहीं। किसी भी trophic level के organisms को बिना ecosystem को नुकसान पहुँचाए नहीं हटाया जा सकता। हर trophic level ecosystem के ऊर्जा प्रवाह और पोषक तत्व चक्रण (nutrient cycling) की एक ज़रूरी कड़ी है। एक कड़ी टूटने से पूरी chain disturb होती है। इसलिए ecosystem का संतुलन बनाए रखने के लिए सभी trophic levels ज़रूरी हैं।
प्रश्न 6. जैव आवर्धन (biological magnification) क्या है? क्या ecosystem के अलग-अलग levels पर इस आवर्धन के स्तर अलग-अलग होंगे?
जैव आवर्धन (Biomagnification): हानिकारक अजैव निम्नीकरणीय रसायनों (जैसे pesticides DDT, mercury) का food chain के हर उत्तरोत्तर (successive) trophic level पर सांद्रण (concentration) बढ़ते जाना — इसे biological magnification कहते हैं।
कैसे होता है: फसलों पर छिड़के गए pesticides मिट्टी और पानी में चले जाते हैं। वहाँ से पौधे उन्हें अवशोषित (absorb) कर लेते हैं। ये रसायन न टूटते हैं, न excrete होते हैं — शरीर के वसा ऊतकों (fatty tissues) में जमा हो जाते हैं। इसलिए जब एक consumer बहुत सारे organisms खाता है, तो सबका pesticide उसमें जमा हो जाता है।
दूसरा भाग — हाँ, आवर्धन का स्तर हर trophic level पर अलग होता है।
- सांद्रण producers में सबसे कम होता है।
- हर अगले trophic level पर यह बढ़ता जाता है।
- सबसे ऊँचे trophic level पर अधिकतम होता है।
चिंता की बात: क्योंकि मानव कई food chains में सबसे ऊपर आते हैं (और omnivore होने की वजह से एक से ज़्यादा chains से भोजन लेते हैं), अधिकतम सांद्रण मानव शरीर में पहुँचता है।
प्रश्न 7. हमारे द्वारा उत्पन्न अजैव निम्नीकरणीय (non-biodegradable) कचरे से क्या समस्याएँ होती हैं?
अजैव निम्नीकरणीय कचरा decomposers के द्वारा टूटता नहीं है, इसलिए यह पर्यावरण में वर्षों तक जमा होता रहता है। इसकी वजह से ये समस्याएँ होती हैं:
- जैव आवर्धन (biological magnification): Pesticides और heavy metals food chain में प्रवेश करके हर level पर सांद्रित होते हैं और आखिर में मानव में पहुँचकर गंभीर बीमारियाँ करते हैं।
- मिट्टी प्रदूषण और उर्वरता की हानि: प्लास्टिक और पॉलीथीन मिट्टी में परत बना लेते हैं, जिससे पानी और हवा का रिसाव (seepage) रुक जाता है और मिट्टी बंजर (infertile) हो जाती है।
- जल प्रदूषण: नदियों, झीलों और महासागरों में जाकर ये जलीय जीवन को मार देते हैं।
- नाली अवरोध (drainage blockage): प्लास्टिक थैलियाँ नालियों और sewers को block कर देती हैं, जिससे जलजमाव (waterlogging) होता है और मच्छरों के प्रजनन स्थल बनते हैं।
- जानवरों की मृत्यु: गायें और आवारा जानवर प्लास्टिक निगल लेते हैं, जो उनके पेट में जमकर उनकी मृत्यु का कारण बनता है।
- विषैली गैसें: प्लास्टिक जलाने पर dioxins और furans जैसी हानिकारक गैसें निकलती हैं जो कैंसर-कारक होती हैं।
प्रश्न 8. यदि हमारे द्वारा उत्पन्न सारा कचरा जैव निम्नीकरणीय (biodegradable) हो, तो क्या इसका पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा?
नहीं — जैव निम्नीकरणीय कचरे का भी पर्यावरण पर प्रभाव पड़ता है। फायदा सिर्फ इतना है कि यह जमा (accumulate) नहीं होता, लेकिन नुकसान फिर भी होता है:
- Decomposition में समय लगता है: अगर कचरा उत्पन्न होने की दर decomposition की दर से ज़्यादा हो जाए, तो कचरा जमा होने लगेगा। सिर्फ 'biodegradable' होने से तुरंत गायब नहीं हो जाता।
- दुर्गंध और वायु प्रदूषण: Decomposition के दौरान दुर्गंधयुक्त गैसें निकलती हैं।
- मीथेन उत्सर्जन: Landfills में anaerobic decomposition से मीथेन निकलती है, जो एक शक्तिशाली greenhouse gas है और global warming बढ़ाती है।
- रोग वाहक (disease vectors): सड़ते कचरे पर मक्खियाँ, मच्छर, चूहे और तिलचट्टे पनपते हैं, जिससे हैज़ा, टाइफाइड और dysentery जैसी बीमारियाँ फैलती हैं।
- जल स्रोतों को नुकसान (eutrophication): जैव निम्नीकरणीय कचरा जब पानी में जाता है तो decomposer bacteria तेज़ी से बढ़ते हैं और पानी की घुलित ऑक्सीजन (dissolved oxygen) खत्म कर देते हैं, जिससे मछलियाँ और बाकी जलीय जीव मर जाते हैं।
निष्कर्ष: जैव निम्नीकरणीय कचरा अजैव निम्नीकरणीय से बेहतर है, लेकिन हानिरहित नहीं। इसका भी उचित प्रबंधन (compost बनाना, biogas plants, sewage treatment) ज़रूरी है।
प्रश्न 9. ओज़ोन परत को हुई क्षति चिंता का विषय क्यों है? इस क्षति को सीमित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
चिंता क्यों है:
ओज़ोन परत वायुमंडल के ऊपरी भाग (stratosphere) में एक कवच (shield) की तरह काम करती है जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (ultraviolet, UV) विकिरण को सोख लेती है। अगर यह परत क्षतिग्रस्त हो जाए तो अधिक UV विकिरण पृथ्वी की सतह तक पहुँचेगी, जिसके ये प्रभाव होंगे:
- मानव में: त्वचा कैंसर (skin cancer), मोतियाबिंद (cataract), और प्रतिरक्षा तंत्र का कमज़ोर होना
- पौधों में: प्रकाश संश्लेषण को नुकसान, फसल उत्पादन में कमी
- जलीय जीवन में: phytoplankton की मृत्यु, जिससे पूरी समुद्री food chain का आधार हिल जाता है
- समग्र रूप से आनुवंशिक उत्परिवर्तन (genetic mutations) और DNA को नुकसान
क्षति का मुख्य कारण: CFCs (Chlorofluorocarbons) — जो refrigerators और fire extinguishers में इस्तेमाल होते थे। ये stratosphere में पहुँचकर ओज़ोन अणुओं को तोड़ देते हैं। 1980 के दशक से ओज़ोन परत में तेज़ी से कमी देखी गई।
क्षति रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए:
- UNEP (United Nations Environment Programme) के प्रयासों से 1987 में अंतरराष्ट्रीय सहमति बनी कि CFC उत्पादन को 1986 के स्तर पर स्थिर (freeze) किया जाए।
- आज कई देशों में refrigerators और air conditioners का CFC-मुक्त (CFC-free) होना अनिवार्य है — CFCs की जगह सुरक्षित विकल्प इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
- Aerosol sprays और fire extinguishers में CFCs का उपयोग बंद या कम किया गया है।
महत्वपूर्ण समीकरण — एक नज़र में
मुख्य अवधारणाएँ — त्वरित संदर्भ तालिका
| अवधारणा | मतलब क्या है | परीक्षा-प्रासंगिक उदाहरण |
|---|---|---|
| पारितंत्र (Ecosystem) | किसी क्षेत्र के सारे जैविक (biotic, सजीव) + अजैविक (abiotic, निर्जीव) घटक जो आपस में interact करते हैं | प्राकृतिक: वन, तालाब, झील · कृत्रिम: aquarium, बगीचा, फसल खेत |
| Trophic level | Food chain में ऊर्जा transfer का हर एक step। एक trophic level = producers से समान दूरी पर खड़े organisms | घास (T1) → टिड्डा (T2) → मेंढक (T3) → साँप (T4) → बाज़ (T5) |
| उत्पादक (Producers) | Autotrophs — प्रकाश संश्लेषण से सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं। Ecosystem का ऊर्जा प्रवेश बिंदु | हरे पौधे, नील-हरित शैवाल (blue-green algae) — हमेशा पहला trophic level |
| उपभोक्ता (Consumers) | Heterotrophs — producers पर प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष निर्भर होते हैं | शाकाहारी (हिरण), माँसाहारी (शेर), सर्वाहारी (मानव), परजीवी (जूँ) |
| अपघटक (Decomposers) | मृत पदार्थ और कचरे को तोड़कर सरल अकार्बनिक पदार्थ बनाते हैं जो मिट्टी में वापस चले जाते हैं। ये producers नहीं हैं | Bacteria और fungi — nutrient cycling पूरा करते हैं |
| खाद्य शृंखला (Food chain) | Organisms की रैखिक (linear) श्रृंखला जिसमें हर जीव अगले का भोजन बनता है। तीर हमेशा ऊर्जा प्रवाह की दिशा में (खाए जाने वाले से खाने वाले की ओर) | घास → हिरण → शेर (तीर शेर की तरफ, हिरण की तरफ नहीं) |
| Food web | कई परस्पर जुड़ी food chains का network — वास्तविक ecosystems इसी तरह काम करते हैं | हिरण को शेर, चीता और जंगली कुत्ता तीनों खा सकते हैं |
| 10% नियम (ऊर्जा प्रवाह) | एक trophic level से अगले level तक सिर्फ 10% ऊर्जा transfer होती है; 90% श्वसन और ताप में नष्ट हो जाती है | 10,000 J घास → 1,000 J हिरण → 100 J शेर। इसलिए food chain में 4-5 से ज़्यादा trophic levels नहीं बनते |
| एकदिश ऊर्जा प्रवाह (Unidirectional) | ऊर्जा सिर्फ एक दिशा में चलती है: सूर्य → Producers → Consumers। कभी वापस नहीं आती | इसलिए ecosystem को सूर्य से निरंतर ऊर्जा आपूर्ति चाहिए। (पदार्थ चक्रित होता है, ऊर्जा नहीं) |
| जैव आवर्धन (Biological magnification) | अजैव निम्नीकरणीय हानिकारक रसायनों का हर उत्तरोत्तर trophic level पर सांद्रण बढ़ना, क्योंकि ये टूटते या excrete नहीं होते — वसा में जमा हो जाते हैं | DDT: पानी → प्लवक → छोटी मछली → बड़ी मछली → पक्षी/मानव। सांद्रण सबसे ऊपरी level पर अधिकतम |
| ओज़ोन (O3) | ऑक्सीजन के 3 परमाणुओं का अणु। भूतल पर घातक विष, stratosphere में सुरक्षा कवच | निर्माण: UV से O2 टूटकर O + O, फिर O + O2 → O3 |
| ओज़ोन क्षय (Ozone depletion) | 1980 के दशक से ओज़ोन परत का तेज़ी से पतला होना। मुख्य दोषी: CFCs (refrigerators, fire extinguishers) | प्रभाव: skin cancer, cataract। कदम: 1987 UNEP सहमति — CFC उत्पादन 1986 स्तर पर स्थिर |
| जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) | जिन्हें decomposers के enzymes तोड़ सकते हैं, क्योंकि matching enzyme प्रकृति में मौजूद है | कागज़, सब्ज़ी के छिलके, गोबर, लकड़ी, कपास, चमड़ा, ऊन |
| अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) | जिनके लिए किसी decomposer के पास matching enzyme नहीं है (ज़्यादातर मानव-निर्मित) — वर्षों तक जमा रहते हैं | प्लास्टिक, पॉलीथीन, DDT, काँच, एल्युमिनियम के डिब्बे, रेडियोधर्मी कचरा |
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सामान्य गलतियाँ — यहाँ अंक कटते हैं
- Food chain में तीर की दिशा उल्टी बनाना। सबसे common गलती। छात्र लिख देते हैं शेर → हिरण → घास यह सोचकर कि 'शेर हिरण को खाता है'। तीर खाने की दिशा नहीं, ऊर्जा प्रवाह (energy flow) की दिशा दिखाता है — यानी जो खाया जा रहा है उससे जो खा रहा है उसकी ओर। सही है: घास → हिरण → शेर। एक गलत तीर पूरे diagram के अंक खा जाता है।
- Ozone depletion और greenhouse effect को एक ही चीज़ समझना। ये दोनों बिल्कुल अलग phenomena हैं। Ozone depletion stratosphere में होती है, CFCs से होती है, और इससे ज़्यादा UV विकिरण आती है (skin cancer, cataract)। Greenhouse effect / global warming troposphere में होता है, CO2 और मीथेन से होता है, और इससे तापमान बढ़ता है। ओज़ोन छिद्र (hole) से global warming नहीं होती — परीक्षा में यही reasoning माँगी जाती है।
- Decomposers को producers या consumers के साथ मिला देना। Decomposers (bacteria, fungi) न producers हैं न सामान्य consumers — यह एक अलग functional category है जो मृत कार्बनिक पदार्थ को तोड़ती है। 'Decomposers photosynthesis करते हैं' या 'decomposers पहले trophic level में आते हैं' लिखना सीधे गलत है। ये food chain के बाहर नहीं हैं, पर उन्हें अलग category में ही लिखो।
- 10% नियम को गलत दिशा में लगाना या प्रतिशत उल्टा करना। 10% वह ऊर्जा है जो आगे transfer होती है, 90% नष्ट होती है — उल्टा नहीं। और numerical में छात्र calculation उल्टी कर देते हैं: अगर producers में 10,000 J है तो herbivores में 1,000 J (10,000 × 10/100), carnivores में 100 J। बहुत लोग 10,000 ÷ 10% या ×90% कर देते हैं। बस याद रखो — हर step पर एक शून्य कम।
- Biomagnification में अधिकतम सांद्रण producers में बताना। सांद्रण producers में सबसे कम और top trophic level (अक्सर मानव) में सबसे ज़्यादा होता है। कारण भी लिखना ज़रूरी है — ये रसायन जैव निम्नीकरणीय नहीं हैं, शरीर से excrete नहीं होते और fatty tissues में accumulate होते रहते हैं। सिर्फ 'सांद्रण बढ़ता है' लिखने से पूरे अंक नहीं मिलते, क्यों बढ़ता है वह लिखो।
- जैव निम्नीकरणीय कचरे को 'बिल्कुल हानिरहित' मान लेना। Q8 ठीक यही test करता है। जैव निम्नीकरणीय होने का मतलब सुरक्षित नहीं है — दुर्गंध, बीमारी फैलाने वाली मक्खियाँ और मच्छर, landfills से मीथेन (greenhouse gas), और पानी में जाने पर eutrophication (घुलित ऑक्सीजन खत्म → मछलियाँ मरती हैं)। उत्तर में 'no impact' लिखना सीधे शून्य। और अगर उत्पादन दर decomposition दर से ज़्यादा हो तो यह भी जमा होता है।
बोर्ड-शैली महत्वपूर्ण प्रश्न
- 1 अंक: किसी स्थलीय (terrestrial) food chain में किस trophic level के organisms की संख्या सबसे कम होती है, और क्यों? (संकेत: 10% नियम)
- 2 अंक: किसी ecosystem में ऊर्जा का प्रवाह एकदिश (unidirectional) क्यों होता है, जबकि पदार्थ (nutrients) चक्रित होता है? एक उदाहरण से समझाइए।
- 3 अंक: एक food chain: घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज़। (a) टिड्डे और साँप का trophic level बताओ। (b) अगर घास में 20,000 J ऊर्जा उपलब्ध है तो बाज़ को कितनी ऊर्जा मिलेगी? (c) इस chain में छठा (sixth) trophic level क्यों नहीं बन सकता?
- 3 अंक: जैव आवर्धन (biological magnification) क्या है? कौन-से organisms इससे सबसे ज़्यादा प्रभावित होते हैं और क्यों? किसानों द्वारा pesticides का अत्यधिक उपयोग इससे कैसे जुड़ा है — समझाइए।
- 5 अंक: (a) ओज़ोन क्या है और ऊपरी वायुमंडल में यह कैसे बनता है — रासायनिक समीकरणों के साथ लिखो। (b) ओज़ोन परत की क्षति मानव और पौधों के लिए क्यों खतरनाक है — दो-दो प्रभाव लिखो। (c) इस क्षति को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या कदम उठाया गया?
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Trophic level और food chain में क्या फर्क है?
Food chain पूरा sequence है — जैसे घास से हिरण से शेर। Trophic level उस chain का एक विशेष step है। घास पहला trophic level है, हिरण दूसरा, शेर तीसरा। यानी एक food chain कई trophic levels मिलकर बनाती है। एक ही trophic level पर कई अलग-अलग organisms हो सकते हैं — जैसे हिरण, बकरी और खरगोश सब दूसरे trophic level पर आते हैं क्योंकि तीनों herbivores हैं।
Food chain में 4-5 से ज़्यादा trophic levels क्यों नहीं होते?
10% law की वजह से। हर trophic level पर सिर्फ 10 प्रतिशत ऊर्जा आगे जाती है, बाकी 90 प्रतिशत श्वसन, ताप और जीवन प्रक्रियाओं में खर्च हो जाती है। अगर producers में 10,000 J ऊर्जा है तो दूसरे level पर 1,000 J, तीसरे पर 100 J, चौथे पर 10 J और पाँचवें पर सिर्फ 1 J बचती है। छठे level पर इतनी कम ऊर्जा बचेगी कि उस पर कोई population survive ही नहीं कर सकती। इसलिए प्रकृति खुद ही chain को 4-5 levels पर रोक देती है।
ओज़ोन परत की क्षति और global warming एक ही समस्या है क्या?
नहीं, ये दोनों बिल्कुल अलग समस्याएँ हैं और परीक्षा में इन्हें मिलाना बड़ी गलती है। Ozone depletion stratosphere में होती है, CFCs की वजह से होती है, और इसका परिणाम है अधिक UV विकिरण का पृथ्वी पर पहुँचना जिससे skin cancer और cataract होते हैं। Global warming troposphere में होती है, CO2 और methane जैसी greenhouse gases की वजह से, और इसका परिणाम है पृथ्वी का तापमान बढ़ना। अलग कारण, अलग जगह, अलग प्रभाव।
जैव आवर्धन में मानव सबसे ज़्यादा प्रभावित क्यों होते हैं?
दो कारण हैं। पहला, मानव ज़्यादातर food chains में सबसे ऊपर वाले trophic level पर आते हैं, और ये रसायन हर level पर सांद्रित होते जाते हैं। दूसरा, मानव omnivore हैं — हम पौधे भी खाते हैं और जानवर भी, यानी एक से ज़्यादा food chains से भोजन लेते हैं। इसलिए अलग-अलग chains से आने वाले pesticides सब हमारे शरीर में जमा हो जाते हैं। ये रसायन अजैव निम्नीकरणीय हैं, शरीर इन्हें excrete नहीं कर पाता और ये fatty tissues में जमा होते रहते हैं।
अगर सारा कचरा जैव निम्नीकरणीय हो जाए तो क्या समस्या खत्म हो जाएगी?
नहीं। जैव निम्नीकरणीय कचरा भी पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है। Decomposition में समय लगता है — अगर हम कचरा decomposition से ज़्यादा गति से पैदा करें तो वह भी जमा होगा। इसके अलावा decomposition से दुर्गंध आती है, मक्खियाँ और मच्छर पनपते हैं जो बीमारियाँ फैलाते हैं, landfills से मीथेन निकलती है जो greenhouse gas है, और पानी में जाने पर eutrophication होती है जिससे घुलित ऑक्सीजन खत्म होकर मछलियाँ मर जाती हैं। जैव निम्नीकरणीय बेहतर है, हानिरहित नहीं।
Aquarium को natural ecosystem क्यों नहीं कहते?
क्योंकि aquarium एक कृत्रिम (artificial) या मानव-निर्मित ecosystem है जिसे मनुष्य बनाता और maintain करता है। इसमें natural cycles पूरी नहीं होतीं — हमें खुद मछली को भोजन देना पड़ता है, पानी समय-समय पर साफ करना पड़ता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति व्यवस्थित करनी पड़ती है। Natural ecosystem जैसे तालाब या झील में producers, consumers और decomposers खुद अपना संतुलन बनाए रखते हैं और nutrient cycling अपने आप चलती रहती है, बिना किसी बाहरी मदद के।
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